अब संध्या मृदुल ने बताया, 'बाप' बने आलोक नाथ ने उन पर कैसे यौन हमले किए

विंता नंदा के बाद अब ऐक्ट्रेस संध्या मृदुल ने आलोक नाथ पर हैरेसमेंट का इल्जाम लगाया है. संध्या आलोक नाथ के साथ काम कर चुकी हैं. उनका कहना है कि एक बार होटल में आलोक ने शराब पीकर उनके साथ बदतमीजी की. जबरन उनके रूम में घुस आए. और चिल्लाने लगे कि मुझे तुम चाहिए. तुम मेरी हो. उन्हें गालियां दीं. धमकाया-डराया. रात-रात को उन्हें फोन करके तंग किया.
आलोक नाथ पर इल्जाम क्या हैं?
8 अक्टूबर की रात लेखिका और डायरेक्टर-प्रड्यूसर विंता नंदा ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी. इसमें उन्होंने सालों पहले अपने साथ हुए बलात्कार के बारे में विस्तार से लिखा. विंता ने कहीं भी सीधे-सीधे आलोक नाथ का नाम नहीं लिया था. मगर ‘संस्कारी’ लिखकर इशारा जरूर दिया था. बाद में मीडिया ने उनसे पूछा कि उन्होंने साफ-साफ आलोक नाथ का नाम क्यों नहीं लिया. इस पर विंता का जवाब था ‘संस्कारी’ लिखना पहचान जाहिर के लिए काफी लगा उनको. अब विंता के बाद संध्या ने आलोक नाथ के साथ अपने अनुभवों पर एक बड़ा पोस्ट लिखा है. उनका कहना है-
ये मेरे करियर के शुरुआती दौर की बात है. मैं कोडाइकनाल में एक टेलीफिल्म की शूटिंग कर रही थी. मुझे लीड रोल मिला था. मैं बहुत खुश थी. आलोक नाथ सीरियल में मेरे पिता बने थे. रीमा लागू ने मेरी मां का किरदार निभाया था. आलोक नाथ मुझसे बड़े प्रभावित थे. मुझे ‘भगवान का अपना बच्चा’ कहते. हर दिन सबके सामने मेरी तारीफ करते. मैं भी उनकी फैन थी. उनकी तारीफ से मेरा हौसला बढ़ता था. एक रात शूटिंग जल्द खत्म हो गई. पूरी कास्ट बाहर खाना खाने गई. डिनर करते हुए आलोक नाथ ने खूब शराब पी ली. फिर जिद करने लगे कि मैं उनके साथ बैठूं. कहने लगे कि मैं उनकी हूं. मैं बहुत नर्वस हो गई. मेरे साथ के बाकी कलाकारों को भी ये महसूस हुआ और उन्होंने मुझे वहां से बाहर निकाल लिया.
हम लोग बिना डिनर किए होटल वापस आ गए. बहुत देर हो गई थी. अगले दिन की शूटिंग में इस्तेमाल होने वाले कपड़े देने कॉस्ट्यूम वाले दादा मेरे रूम में आए. उनके जाने के कुछ देर बाद दरवाजे पर दस्तक हुई. मैंने सोचा, वही दादा होंगे. दरवाजा खोला तो सामने नशे में धुत्त आलोक नाथ खड़े थे. मैंने दरवाजा बंद करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने दरवाजे को धक्का दिया. वो मेरी तरफ झपटे. मैं किनारे हट गई. वो कमरे के अंदर घुस आए. वो चीख रहे थे कि मुझे तुम चाहिए, तुम मेरी हो. जहां तक मुझे याद है मैं बाथरूम वाले दरवाजे से निकलकर कॉरिडोर के नीचे भाग गई.
किस्मत से शो का सिनेमटॉग्रफर वहां रिसेप्शन पर था. वो किसी को फोन कर रहा था. मेरी बात सुनकर वो मेरे कमरे में आया. लेकिन आलोक नाथ ने मेरे रूम से हटने को इनकार कर दिया. वो लगातार मुझ पर चिल्लाता रहा. वो मुझ पर झपट्टा मारने और मुझे दबोचने की कोशिश करता रहा. मगर किसी तरह हमने उसे कमरे से बाहर निकाल दिया. उस रात हेयरड्रेसर मेरे साथ मेरे कमरे में ही सोई. मैं बहुत ज्यादा डर गई थी. कुछ ही घंटों बाद मुझे आलोक नाथ के साथ कुछ सीन्स की शूटिंग करनी थी. उसके लिए मुझे उसकी गोद में बैठकर रोना था. मैं अब भी जब इस बारे में सोचती हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं.संध्या ने आगे लिखा है-
ये बस एक रात की बात नहीं है. ऐसा लगातार होता रहा. वो हर शाम शराब पीता और रात में मुझे फोन करता. मुझे फोन की घंटी की आवाज डराने लगी थी. मैं ज्यादातर वक्त रिसीवर हटाकर रख देती थी. वो बहुत मुश्किल स्थिति थी. मेरी हेयरड्रेसर फिर मेरे ही कमरे में रहने लगी. इस सबने मुझे तोड़कर रख दिया. मैं शूटिंग नहीं कर पा रही थी. वो मुझे फोन कर-करके तंग कर रहा था. वो मेरे दरवाजे पर आकर गेट खटखटाता था. एक दिन वो मेरे रूम के दरवाजे पर आया. रोने-गिड़गिड़ाने लगा. माफी मांगने लगा. फिर उसने मुझसे कहा कि वो शराबी है. कि उसने अपनी शादी, अपना परिवार सब बर्बाद कर दिया है. कि मैं उसकी बेटी जैसी हूं. वो मेरी इज्जत करता है और अपने किए के लिए शर्मिंदा है. उसने कहा कि उसने अपनी गलती महसूस कर ली है. उसने वादा किया कि वो अपना इलाज कराएगा और सुधर जाएगा. मैंने उसका यकीन किया. मेरे पास चारा ही क्या था. मुझे नहीं पता कि मैंने बाकी शूटिंग कैसे की उसके साथ. मैं अपने साथी कलाकारों की शुक्रगुजार हूं. मैं रीमा लागू की शुक्रगुजार हूं. उस हादसे के बाद से वो मां की तरह मेरी हिफाजत करती थीं.हम बंबई वापस लौट आए. मैं टूट चुकी थी. उसने लोगों से कहना शुरू किया कि मैं बहुत आक्रामक लड़की हूं. उसने जो माफी मांगी थी, उसे वो भूल चुका था.
इस पोस्ट में आखिर में संध्या मृदुल ने लिखा है-
आलोक नाथ, तुम जानते हो कि ये सारी बातें सच हैं. कुछ और लोग भी जानते हैं. मुझे अपने भले के लिए उस वक्त तुम्हें माफ करना पड़ा था. लेकिन तुमने विंता के साथ जो किया, उसके लिए मैं तुम्हें कभी माफ नहीं करूंगी. मैंने हमेशा विंता की इज्जत की है. विंता, मैं तुम्हारे साथ हूं. तुम्हारे साथ जो हुआ, उसके मुकाबले मेरे साथ हुई घटना बहुत छोटी है. मुझे बहुत तकलीफ है तुम्हारे लिए. तुम्हारी हिम्मत और मजबूत हो.
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